Thursday, 9 March 2017

होली के अलबेले रंग


  
 होली के अलबेले रंग
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आई होली लाई होली,
अपने संग लाखों उमंग,
दिलों में भरने ले कर आई,
अपने संग सतरंगी रंग।

मिलजुल कर हम खेलें होली,
बच्चे, युवा, बूढ़े सब संग 
मस्ती में खो जाए हम सब,
बाजे  ढ़ोल और मृदंग।









अपनों की तो बात ही क्या,
दुश्मन को गले लगाएंगे,
रूठे यार को रंग लगा,
हम दूरी सभी मिटाएंगे।

उंच नीच का भेद मिटा,
दुनिया को एक बनाएँगे
बैर- भाव को दूर भगा,
हम प्रेम का रंग चढ़ाएंगे।

ले कर खुशियों की सौगात,
आया होली का त्योहार,
गिले सिकवे दूर करके,
आओ हम सब बाँटें प्यार।

लाल गुलाबी पीला हरा,
कितने प्यारे- प्यारे रंग,
मिलजुल कर रहना सिखलाते,
होली के अलबेले रंग।
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7 comments:

Anonymous said...

Nice poem

Anonymous said...

👍 बहुत बढ़िया। S K

Unknown said...

Bahot achhe sir... Keep it up..

Santosh Yadav

Unknown said...

बेहतरीन सर... लगे रहो...

Unknown said...

Bahot achhe sir... Keep it up..

Santosh Yadav

Unknown said...

Bahot achhe sir... Keep it up..

Santosh Yadav

Unknown said...

बहतरीन रचना