Monday, 16 October 2017

प्रेम का दीप जलाओ. PREM KAA DEEP JALAAO.


प्रेम का दीप जलाओ
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सत्य सरोज
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अज्ञान के अंधियारे में,
तुम ज्ञान का दीप जलाओ,
तमस मिटाओ द्वेष का,
तुम प्रेम का दीप जलाओ.

मानवता के फूल खिला,
आशा की किरण जगाओ,
अंतर्मन का दीप जला,
जग ज्योतिर्मय कर जाओ.

माया मोह का बंधन तोड़,
लालच से नाता तोड़ो ,
मन मंदिर की शुद्धि को,
संकल्प का दीप जलाओ.

सच्चाई की राह पकड़,
दीवार गिराओ नफ़रत की,
बन मशाल भटके राही को,
अब तुम राह दिखाओ.

जात पात का भेद मिटा,
प्यासे की प्यास बुझाओ,
कभी नहीं जो बुझ पाए,
एक ऐसा दीप जलाओ.

वाणी पर हो संयम अपने,
सबके मन को हर्षाओ,
ज्योत हमेशा रहे अमर,
तुम ऐसा दीप जलाओ.
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Friday, 13 October 2017

दीपावली diwali


आओ ऐसे दिवाली मनाएँ

 मिलजुल कर हम सब गाए,  

 आओ ऐसे दिवाली मनाए ।  

 अंधकार के साम्राज्य को,

 चलो रोशनी से नहलाये ,

 नाउम्मीद्दी में भी हम एक,

 उम्मीद का दिया जलाए,

 आओ ऐसे दिवाली मनाए ।


 खुशियों की फुलझड़ियाँ जलाकर,

 भाईचारे की चकरी चलाए


 उन्नत्ति का राकेट चलाकर

 नफरत का तमस मिटाये

 आओ ऐसे दिवाली मनाए ।


 हमें सुरक्षा देने वाले

 सीमा की रक्षा करने वाले

 वीर जवानों के नाम का भी,

 एक दीपक जरूर जलाएँ,

 आओ ऐसे दिवाली मनाए ।

 अपने बुजुर्गों के साथ भी,

 कुछ समय जरूर बिताए,

 बचपन की याद दिलाकर,

 उनकी उदासी दूर भगाएँ,

 आओ ऐसे दिवाली मनाए ।


 पुराने टूटे रिश्तों में भी,

 एक नया जोश जगाये,

 अहंकार का त्याग करके,

 भाईचारा और प्रेम बढ़ाए,

 आओ ऐसे दिवाली मनाए ।