एक कुवांरी लड़की सांसद पति पाने के लिए भगवान से फरियाद कर रही है...
एक कुवांरी लड़की सांसद पति पाने के लिए भगवान से फरियाद कर रही है...
हे प्रभु मेरी प्रार्थना स्वीकार कर। मैंने तेरे चरणों में पिछले कई सालों से दीप जलाए है। जब भी मौका मिला, मैंने फल, मेवा, और पैसों की भेंट चढ़ाए है। हे परमेश्वर बस एक बार मेरी पुकार सुन के। मुझे एक एम॰ पी॰ पति दे दे । चाहे उसमे कितनी भी बुराइयाँ हो, परंतु वह संसद ही हो।
लाल बत्ती बाली सरकारी गाड़ी का आनंद तू क्या जाने गरुर की सवारी करने वाले। कभी मर्सिडीज, स्कोडा, फ़रारी आदि में बैठा होता तो तुझे उसके मान और शान का पता होता। एक आम नौकरी पेशा के वेतन के बराबर तो उसका टेलीफोन भत्ता होता है। थोड़ी सी तनख्वाह पाने वाले सरकारी नौकर की आय कर युक्त होती है जबकि ढ़ेर सारी कमाई करने वाले एम॰ पी॰ के आय करमुक्त होती है। और हो भी क्यों नहीं , वे देश सेवक जो कहलाते है। इनकी शान तो देखो, ये अपना तथा देश का उद्धार करने के लिए बोफोर्स घोटाला, शेयर घोटाला, टेलीफोन घोटाला, कोयला घोटाला आदि कांड को अंजाम देते है।
हे लक्ष्मीपति, जिस तरह तुमने अपने लिए पैसे वाली दुल्हन खोजी है, वैसे ही मेरे लिए भी एक पैसे वाला सांसद दुल्हा ढूंढ दे। तुझे क्या पता उसकी कैसी कैसी आय है ? जरा दिल थम के सुन।
मासिक वेतन के अलावा प्रति बैठक भत्ता, रेल का प्रथम श्रेणी का फ्री पास, वर्ष में 16 बार मुफ्त विमान यात्रा, साथ में अपनी पत्नी एवं बच्चों को भी ले जाने की छुट पते हैं । मेरा भारत महान कह कर भारत की संपूर्ण यात्रा एवं रहने की मुफ्त सुविधा पाते है। मुफ्त का खाना एवं टेलीफोन की सुविधा। उसके तो मजे ही मजे है। हे क्षीरसागर निवासी, इतनी सुविधा तो तुझे बैकुंठ में भी नसीब नहीं होती होगी।
हे चक्रधारी एक सांसद के खूबियों का जितना बखान करूँ उतना कम है। हर सांसद को शानदार नि:शुल्क आवास ,बंगले की सजावट और देख रेख के किए एक मोटी रकम, हजारों रुपए का बिजली-पानी मुफ्त तथा स्वास्थ्य सेवा के लाभ का अलग से प्रावधान है। यदि तुम्हारी कृपा से आदरणीय सांसद जी पद पर रहते –रहते तुमको प्यारे हो गए तो उनकी विधवा को जीवन यापन के किए पेंशन की भरमार है। यानि जीवन भर की सिक्योरिटी , मरने के बाद परिवार की भी सिक्योरिटी। और क्या बखान करूँ , पता नहीं इन पाँच साल में इस देश सेवक को कौन सा अलादिन का चिराग मिल जाता है की वे ठन –ठन गोपाल से देखते- देखते लखपति-करोड़पति हो जाता है।
खुदा न खास्ते वे कहीं मंत्री बन गए तो आनंद ही आनंद। मुफ्त विदेश यात्रा, बच्चों को विदेश में शिक्षा, विदेशी बैंकों मे खाते , फाइव स्टार होटलों में मजे, विदेशी सामान की खरीद का अवसर, साथ में सत्ता का आनंद, तालियाँ और जय-जयकार । है न बैकुंठ से भी अधिक सुख ? इस सुख का आनंद उठाना चाहते हो तो एक बार मेरा भारत महान में जन्म ले तथा मंत्री बन कर देख लो । सच कहती हूँ त्रिभूवानपती, तुझे अपने बैकुंठ लौटने का ख्याल भी नहीं आएगा ।
अतः हे नारायण, मेरी विनती सुन ले और मुझे एक संसद पति का वर दे दे। अगर तूने ऐसा नहीं किया तो मैं आत्महत्या कर लूँगी और इसका सारा पाप तुझे लगेगा।