Thursday, 23 February 2017

Happy New Year. नया साल

आज प्रस्तुत है नए साल के अवसर पर लिखी गई कविता :

 नए साल में नया करेंगे।

पहले भी प्रण कई लिए थे,
खुद से वादे कई किए थे,
जो भी पूरा कर न पाये,
पूरा अबके साल करेंगे।
नए साल कुछ नया करेंगे।

बीते साल की कड़वी बातें,
भूल के सारी काली रातें,
नई सुबह का करेंगे स्वागत,
नए साल के गीत लिखेंगे।
नए साल कुछ नया करेंगे।

कई ख्वाहिशें होंगी पूरी,
मंजिल से अब मिटेंगी दूरी,
गलतफहमियाँ सभी मिटाकर,
हम अपनों से गले मिलेंगे
नए साल कुछ नया करेंगे।


प्रेम और भाईचारे से,
सद्भाव की अलख जगाएंगे,
निर्बल और निर्धन के घर में,
आशा के दीप जलाएंगे,
नए साल कुछ नया करेंगे।

नई तीज और नए त्यौहार,
खुशियों के अनमोल उपहार,
मीठी वाणी मधुर व्यवहार,  
मिलकर हम अपनाएंगे,
नए साल कुछ नया करेंगे।
*******************

No comments: