Thursday, 8 February 2024

How to prepare for Board Examination. (2) बोर्ड परीक्षा की तैयारी




अभिभावक क्या करें, क्या नहीं

**  अभिभावकों को बच्चों को तनावमुक्त रखने की पूरी कोशिश करनी चाहिए तथा बच्चों में तनाव के लक्षण दिखने की स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। 
    बच्चों को निरंतर प्रोत्साहित करने का प्रयास करें। बच्चों पर अधिक अंक लाने का दबाव न बनाएं तथा उनको परीक्षा में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित करें।

**  सामान्यत: परीक्षा के समय अभिभावक अपने बच्चों का मनोरंजन बंद कर देते है, जो बहुत ही अनुचित है। अभिभावकों को बच्चों को पढाई के बीच के समय में उनका मनपंसद मनोरंजन करने देना चाहिए, ताकि बच्चें पुन: ताजगी अनुभव करें और वह नई ऊर्जा के साथ पढ़ सके।
** बच्चों को उनके द्वारा की जाने हर काम में रोक-टोक न करें, बल्कि उनका हिस्सा बनने की कोशिश करें। इससे आपके और उनके बीच संबंध बेहतर होंगे और बच्चा प्रेरित भी होगा। जो अभिभावक अपने बच्चे के कार्यों में अत्यधिक रोक-टोक करते हैं, उनके बच्चे अडियल स्वभाव के हो जाते हैं।
**  अभिभावकों द्वारा बच्चों को बार-बार पढ़ाई करने का दबाव नहीं बनाना चाहिए। इससे बच्चे में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। बच्चे की संतुलित समय सारणी बनाएं, जिसमें पढाई, खेल-कूद और मनोरंजन को शामिल करें।

**  अभिभावकों द्वारा बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए अधिक प्रलोभन नहीं देना चाहिए और बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए कभी भी ऐसा वचन न दें, जो अभिभावक पूरे न कर सकते हों, क्योंकि यदि अभिभावक द्वारा ऐसा वचन पूर्ण नहीं किया गया तो इससे बच्चे पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और बच्चा वादा किया गया सामान न मिलने पर गलत रास्ता अपना सकता है।
**  परीक्षा के समय बच्चों पर पढ़ाई का अत्यधिक दबाव होता है। ऐसी स्थिति में अभिभावकों को अपनी अपेक्षएं बच्चों पर लादनी नहीं चाहिए। अभिभावकों को बच्चों की रुचि एवं भावनाओं को महत्व देना चाहिए।
**  गत वर्षों में ऐसी घटनाएं देखने को मिली हैं कि अधिक अंक लाने के दबाव में बच्चें तनावग्रस्त हो गए और अपना परीक्षा परिणाम खराब कर बैठे।
** जिन अभिभावकों के बच्चे पढ़ाई में कमजोर हैं, उन्हें बार-बार अपने बच्चे की तुलना किसी ज्यादा पढ़ने वाले बच्चे से नहीं करनी चाहिए। इससे बच्चे में हीन भावना आती है। अभिभावकों को अपने बच्चे से पढ़ाई में कमजोर होने के कारण जानने चाहिए तथा उन कारणों को दूर करने में बच्चे की सहायता करनी चाहिए।
**  परीक्षा के दिनों में बच्चे के खान-पान की ओर विशेष ध्यान दें एवं उनको पौष्टिक आहार खाने के लिए प्रेरित करें। परीक्षा के दिनों में बच्चे के खाने में अंकुरित दालें, फल, ड्राई फ्रुट, सलाद आदि शामिल करें। परीक्षा के दिनों में बच्चे को चाय, काफी, कोल्ड ड्रिंक आदि के स्थान पर ताजे फलों का जूस, नींबू पानी, छाछ आदि के लिए प्रेरित करें और उपलब्ध कराएं।
**  जिन अभिभावकों के पास जगह की कमी है और बच्चे का पढ़ाई का कमरा अलग नहीं है, उनको बच्चे की पढ़ाई के समय में टीवी, स्पीकर या अन्य प्रकार के साधन, जिनसे बच्चे की पढ़ाई बाधित होती है, का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
**   परीक्षा के समय में बच्चे के सामने पारिवारिक एवं आर्थिक समस्याओं की चर्चा न करें।
**   अभिभावकों को अपने बच्चे को योग के लिए प्रेरित करना चाहिए। बच्चे को अनुलोम-विलोम एवं ध्यान केन्द्रित करने वाले अन्य योग व व्यायामों के लिए प्रेरित करना चाहिए। इससे बच्चे का मानसिक संतुलन बेहतर होगा एवं याद करने की शक्ति बढेगी।

**   दो विषय की परीक्षा के बीच 3 या 4 दिनों का अंतराल होता है। पहली परीक्षा खत्म होने के बाद बच्चे को ताजगी प्रदान करने के लिए उन्हे घुमाने के लिए ले जाएं ताकि परीक्षा का तनाव कम हो सके।
**  बच्चे को उनकी पिछली गलतियों एवं असफलताओं का बार-बार स्मरण न कराएं। उनसे पुरानी गलतियों एवं असफलताओं के कारण जानें एवं उनको ठीक करने के अपने सुझाव भी दें।
**   बच्चे को ऐसे लोगों का उदाहरण दें, जो असफलता का सामना करते हुए शिखर तक पहुचे हों।
**  बच्चे को अच्छे अंक लाने की घुडदौड़ में शामिल नहीं करना चाहिए, अपितु उनको अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
**  अभिभावकों को परीक्षा के दिनों में बच्चे की नींद की ओर अधिक ध्यान देना चाहिए। ध्यान रखें की परीक्षा देने जा रहा आपका बच्चा 6 से 8 घंटे की नींद अवश्य पूरी करे। इससे उसका मानसिक संतुलन बना रहेगा और स्फूर्ति बनी रहेगी।
**  अभिभावकों को परीक्षा के दिनों में बच्चे के मोबाइल फोन के प्रयोग पर विशेष ध्यान देना चाहिए

**  परीक्षा के दिनों में बच्चे को वाहन चलाने से रोकना चाहिए। बच्चा तेज वाहन चलाने के कारण किसी दुर्घटना का शिकार बन सकता है।
**  अभिभावकों को परीक्षा के दिनों में बच्चे के द्वारा प्रयोग की जाने वाली सोशल नेटवर्किंग साईट जैसे फेसबुक, ट्वीटर, वाट्सअप आदि पर विशेष ध्यान देना चाहिए कि कहीं बच्चा इसका अधिक प्रयोग तो नहीं कर रहा है।
**  यदि आपके बच्चे को किसी विषय को समझने में परेशानी हो तो उस विषय को समझाने के लिए पहले उसके विद्यालय के शिक्षक से संपर्क करें। यदि फिर भी बच्चा विषय को समझने में असमर्थ हो तो उस स्थिति में किसी अनुभवी शिक्षक से कोचिंग के लिए संपर्क करें।
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छात्रों के लिए आवश्यक सुझाव
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** परीक्षा की तैयार में लगे छात्र को परीक्षा के समय में संतुलित समय सारणी बनानी चाहिए, जिसमें पढाई, खेल-कूद और मनोरंजन को शामिल करें। परीक्षा के समय पढ़ाई पर अधिक ध्यान देना आवश्यक है, क्योंकि इस समय मेहनत करने से उनको पूरे वर्ष की पढ़ाई का फल अच्छे अंकों के रूप में मिलता है। विषयों की समय सारणी अपनी सु़विधा के अनुसार बनाएं। जो विषय या पाठ अधिक कठिन लगता हो उसके लिए अधिक समय निकालें। अपने द्वारा बनाई गई समय सारणी को पूर्ण करने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।
** बच्चे को सुबह सूर्योदय के समय उठ कर टहलना एवं पढ़ना चाहिए। इससे बच्चे पूरे दिन स्फूर्ति एवं मानसिक संतुलन की अनुभूति करेंगे। सुबह का समय पढ़ाई के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है।

**  शारीरिक एवं मानसिक रूप से खुद को ताजा रखने के लिए अंकुरित दालें, फल, ड्राई फ्रुट्स, सलाद आदि खाएं एवं पेय पदार्थों में चाय, काफी, कोल्ड ड्रिंक आदि के स्थान पर ताजे फलों का जूस, नींबू पानी, छाछ आदि का अधिक उपयोग करें। मानसिक थकान को दूर करने के लिए मनोरंजन एवं योग की सहायता ले सकते हैं।

** सकारात्मक सोच के साथ पढ़ाई करें एवं लोगों की सकारात्मक बातों को ही ग्रहण करने का प्रयास करें।
**  परीक्षा के समय  आपको कठिन विषयों के लिए ग्रुप में पढ़ाई करनी चाहिए। इससे उस विषय को समझने एवं याद रखने में सुविधा होती है।
** प्रत्येक अध्याय से अपनी आसान भाषा में नोट्स बनाएं। अपने द्वारा बनाएं नोट्स की सहायता से अध्याय को बार-बार लिख कर दोहराएं। इससे बच्चे को भूलने की समस्या से निजात मिलती है।
** परीक्षा के समय में पुराने मॉडल टेस्ट पेपरों एवं नवीनतम प्रतियोतिा पत्रिकाओं में छपने वाले प्रश्नों को हल करने का प्रयास करें। परीक्षा के समय नोट पढ़ने के साथ-साथ पूर्व में पढ़े गए विषयों को भी दोहराना महत्वपूर्ण होता है।
** रात को सोने से पहले 10-15 मिनट खुली हवा में सैर करें और उसके बाद पूरे दिन में पढ़ाई किए हुए विषयों को लिख कर दोहराएं। परीक्षा के दिनों में समय पर सोने का प्रयास करें तथा प्रात: जल्दी उठ कर पढने का प्रयास करें। इन दिनों 6 से 8 घंटे की नींद लेना आवश्यक होता है। इससे मानसिक संतुलन एवं स्फूर्ति बनी रहती हैं।
** परीक्षा के दिनों में दोस्तों एवं रिस्तेदारों से मेल-जोल बनाए रखें और खुल कर बात करें। इससे आप अनावश्यक तनाव से दूर रहेंगे।
** इन दिनों फोन  तथा  सोशल नेटवर्किंग साईट फेसबुक, ट्वीटर, वाट्सअप आदि का अत्यधिक प्रयोग न करें। इससे आपकी पढ़ाई का तो नुकसान होगा ही, अभिभावक चिढ़कर इन सुविधाओं को बंद भी कर दे सकते हैं।
** परीक्षा के दिनों में डेट शीट के अनुसार पढ़ाई करें और जिन विषयों में अधिक त्रुट्टियां होती हैं, उन विषयों पर थोड़ा अधिक समय दें।
** स्वाध्याय पर अधिक ध्यान दें, क्योंकि आपका शिक्षक आपको कितना भी पढ़ा लें या आप उस विषय को किसी भी कोचिंग में जाकर समझ लें, जब तक बच्चें स्वयं अध्ययन नहीं करेंगे, तब तक उस विषय को समझना कठिन है। 
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Part 3 continue.....
 
परीक्षा से एक दिन पहले और परीक्षा हॉल के लिए आवश्यक सुझाव । ...



    

1 comment:

Anonymous said...

Bahut he important jaankari hai