आम का आगमन
फलों का राजा आम
आम के आगे सब फीके ।
दोस्तों, बाजार में फलों के राजा आम
का आगमन हो चुका है । आम के आगमन के बाद (अप्रैल-मई
) अन्य फलों की मांग एकदम से कम हो जाती है और इनमें से कितने तो अपनी किस्मत को
कोसने लगते हैं कि मैं भी आम क्यों नहीं हुआ !
इसके बाद अगले 3-4 महीने तक अपने अलग अलग रूप और रंग में आम, जनता का पसंदीदा फल बना रहता है। इस
दौरान अन्य फलों की मांग काफी कम हो जाती है ।
जैसे ही आम का आगमन होता है, अन्य फलों का चेहरा मुरझा जाता है। कुछ फल तो अपनी उपस्थिति भी कायम नहीं रख पाते और बिल में छिप जाते हैं ।
बदलाव ही प्रकृति का नियम है और कोई
भी इस दुनिया में सदा के लिए बना नहीं रह सकता। यही संदेश देते हुए आम भी चला जाता
है । सावन समाप्ति के बाद आम का प्रभाव कम
होने लगता है और स्वतंत्रता दिवस के बाद अन्य फल अपने राजा के दबदबे से बाहर
निकलने लगते है । एक तरफ बाजार में आम का आना काम
होने लगता है, तो दूसरी तरफ इस खाली स्थान को भरने
के लिए देश – दुनिया का दूसरा सबसे लोकप्रिय फल 'सेब' सिर उठा कर खड़ा हो जाता।
देखते ही देखते आम का स्थान ‘ सेब’ ले
लेता है और अगले 6 महीने तक गद्दी पर कायम रहता है। इसके साथ साथ अन्य सभी फल जैसे नासपाती, बाबूवोसा, अमरूद, अनार आदि भी हमारे मेनू में शामिल हो जाता है । इसके बाद पुनः आम के आगमन तक ये फल लोगों
में अपनी लोकप्रियता कामय रखते हैं किन्तु
आम के आने के बाद पुनः अपना प्रभाव खो देते हैं ।
1 comment:
आम के सीजन में कहानी से काम नहीं चलेगा आम के सीजन में गांव तो आना पड़ेगा l इन दिनों आम का मौसम में हम लोग गांव हनुमान
नगर में ही डेरा डाले हुए हैं l 👌👌👌👍
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