Sunday, 12 June 2022

आम का आगमन

 

आम का आगमन
******

 

 फलों का राजा आम

  आम के आगे सब फीके ।

 



दोस्तों, बाजार में फलों के राजा आम का आगमन हो चुका है ।  आम के आगमन के बाद (अप्रैल-मई ) अन्य फलों की मांग एकदम से कम हो जाती है और इनमें से कितने तो अपनी किस्मत को कोसने लगते हैं कि मैं भी आम क्यों नहीं हुआ !

 


इसके बाद अगले 3-4 महीने तक अपने अलग अलग रूप और रंग में  आम, जनता का पसंदीदा फल बना रहता है। इस दौरान अन्य फलों की मांग काफी कम हो जाती है ।

 जहाँ देखो आम ही आम दिखाई पड़ता है । लोग प्रतिदिन कई-कई किलो आम खा जाते हैं। आम के प्रभाव के कारण  अन्य फलों के सामने अपनी प्रतिष्ठा बचाने का सवाल पैदा हो जाता है।  कुछ अन्य फल जैसे सेब, केला, पपीता आदि आपने ज्यादा दिन तक  टिकने की खूबी के कारण मंडियों और कुछ घरों में अपनी उपस्थिति बनाए रखने में कामयाब  रहते है, वहीं रसीले फल जैसे नारंगी, मौसंबी,  किन्नू  आदि  'जूस के रूप में अपनी उपस्थिति कायम रखने में कामयाब रहते हैं और तरबूज अपने ठंढे स्वभाव के कारण आम के साथ दौड़ में शामिल रहता है परंतु आम की लोकप्रियता के आगे सभी नतमस्तक रहते हैं ।

 


जैसे ही आम का आगमन होता है, अन्य फलों का चेहरा मुरझा जाता है। कुछ फल तो अपनी उपस्थिति भी  कायम नहीं रख पाते और बिल में छिप  जाते हैं ।

 


 इन सबके बीच सदाबहार फल केला लोगों में  कम मांग  के बाबजूद अपनी उपस्थिति बनाये रखने की कोशिश में कामयाब रहता है। इसके पीछे इसका आंतरिक गुण तथा बच्चों और बुजुर्गों में उसकी मांग का होना है।  बच्चे और बुजुर्ग अपने कमजोर दाँत तथा केला के पौष्टिक  गुणों के कारण इसे खाना बेहतर समझते है। इस दौरान कई छोटे मोटे फल बाजार में आते है और गायब हो जाते हैं परन्तु आम अपने अलग अलग स्वरूप में लगातार लोगों के दिलों पर राज करता रहता है । शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जो आम को पसंद नहीं करता हो !  मैंगो शेक के रूप में यह हर गली और चौराहे पर आसानी से और सस्ते दामों पर उपलब्ध होता है । इस प्रकार आम हर अमीर और गरीब इन्सान का पसंदीदा फल बन जाता है ।

 

बदलाव ही प्रकृति का नियम है और कोई भी इस दुनिया में सदा के लिए बना नहीं रह सकता। यही संदेश देते हुए आम भी चला जाता है । सावन समाप्ति के बाद आम का प्रभाव कम होने लगता है और स्वतंत्रता दिवस के बाद अन्य फल अपने राजा के दबदबे से बाहर निकलने लगते है । एक तरफ बाजार में आम का आना काम होने लगता है,  तो दूसरी तरफ इस खाली स्थान को भरने के लिए देश – दुनिया का दूसरा सबसे लोकप्रिय फल 'सेब' सिर उठा कर खड़ा हो जाता।

 

 देखते ही देखते आम का स्थान ‘ सेब’ ले लेता है और अगले 6 महीने तक गद्दी  पर कायम रहता है।  इसके  साथ साथ अन्य सभी फल जैसे नासपाती, बाबूवोसा, अमरूद, अनार आदि भी हमारे मेनू  में शामिल हो जाता है । इसके बाद पुनः आम के आगमन तक ये फल लोगों में अपनी लोकप्रियता कामय रखते हैं  किन्तु आम के आने के बाद पुनः अपना प्रभाव खो देते हैं ।







आलेख और फोटो: सत्य सरोज

1 comment:

Anonymous said...

आम के सीजन में कहानी से काम नहीं चलेगा आम के सीजन में गांव तो आना पड़ेगा l इन दिनों आम का मौसम में हम लोग गांव हनुमान
नगर में ही डेरा डाले हुए हैं l 👌👌👌👍