आया वसंत
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फूलों पर भँवरे मंडराये,
हवा लगी बहने स्वछंद,
कलियाँ महक बिखेर रही,
है मौसम आया वसंत।
रंग विरंगे फूल खिलें हैं,
करता आँखों को मदमस्त,
हवा में खुशबू बिखर गई,
मदहोश मन को करे वसंत।
मुरझा गए थे जो पौधे,
ठंढ की शीतल छाया से,
उन पर भी छाई हरियाली,
यौवन ले कर आया वसंत।
अब तक जो थे छुपे हुये,
सर्द मौसम की आड़ में,
घूँघट उनके मुखड़े से,
हटाने को आया वसंत।
तराने नए सुनाने को,
मन मस्ताना बनाए वसंत,
देखी नहीं जो माशूमियत,
चेहरे पे उनके लाया वसंत।
लंबी प्रतीक्षा का हुआ अंत,
आशा की किरण लाया वसंत।
ये अंत है यारों पतझड़ का,
रंगों की बारात लाया वसंत।
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4 comments:
नीस4 creation
Nice creation
👌बहुत ह्री उत्तम
Well Done.... Continue Writing.
Regards:
Santosh Yadav
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