आओ ऐसे दिवाली मनाएँ
मिलजुल
कर हम सब गाए,
आओ ऐसे दिवाली मनाए ।
अंधकार के साम्राज्य को,
चलो रोशनी से नहलाये ,
नाउम्मीद्दी में भी हम एक,
उम्मीद का दिया जलाए,
आओ ऐसे दिवाली मनाए ।
खुशियों की फुलझड़ियाँ जलाकर,
भाईचारे की चकरी चलाए
उन्नत्ति का राकेट चलाकर
नफरत का तमस मिटाये
आओ ऐसे दिवाली मनाए ।
हमें सुरक्षा देने वाले
सीमा की रक्षा करने वाले
वीर जवानों के नाम का भी,
एक दीपक जरूर जलाएँ,
आओ ऐसे दिवाली मनाए ।
अपने बुजुर्गों के साथ भी,
कुछ समय जरूर बिताए,
बचपन की याद दिलाकर,
उनकी उदासी दूर भगाएँ,
आओ ऐसे दिवाली मनाए ।
पुराने टूटे रिश्तों में भी,
एक नया जोश जगाये,
अहंकार का त्याग करके,
भाईचारा और प्रेम बढ़ाए,
आओ ऐसे दिवाली मनाए ।
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